Home » क्राइम » West Asia Crisis:होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 15 भारतीय जहाज, सुरक्षित वापसी के लिए सरकार सक्रिय

West Asia Crisis:होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 15 भारतीय जहाज, सुरक्षित वापसी के लिए सरकार सक्रिय

Share This Article

अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता टूटने के बाद पश्चिम एशिया में हालात और बिगड़ गए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हुए हैं। इसी बीच केंद्र सरकार ने होर्मुज में फंसे भारतीय जहाजों को लेकर अहम अपडेट दिया है। पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि होर्मुज में भारत के 15 जहाज फंसे हुए हैं। जिन्हें निकालने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है। 

पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि मंत्रालय विदेश मंत्रालय (एमईए) के साथ समन्वय स्थापित कर होर्मुज जलडमरूमध्य में मौजूद 15 भारतीय ध्वज और स्वामित्व वाले जहाजों को वापस लाने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहा है। इस मार्ग से नौकायन संभव होते ही इन जहाजों को सुरक्षित वापस लाया जाएगा।

 

केंद्र सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले या भारतीयों से जुड़े किसी भी जहाज से संबंधित कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

‘जग विक्रम’ की सुरक्षित यात्रा: एक बड़ी राहत के रूप में, भारतीय ध्वज वाला एलपीजी पोत ‘जग विक्रम’ 11 अप्रैल को होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है। यह जहाज 20,400 मीट्रिक टन गैस और 24 नाविकों के साथ 14 अप्रैल को कांडला बंदरगाह पहुंचेगा। वर्तमान में भारत के सभी बंदरगाहों पर संचालन पूरी तरह से सामान्य है और कहीं से भी किसी प्रकार के कंजेशन (भीड़भाड़) की कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।

भारतीय जहाजों को होर्मुज पार करने में मदद करेगा ईरान

भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथली ने सोमवार को कहा कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही को लेकर भारत के संपर्क में है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ हमारे अच्छे संबंध हैं और हम भारतीय जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने में मदद करना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने होर्मुज जलमार्ग से गुजरने वाले भारतीय टैंकरों से कोई टोल नहीं लिया है।

दूतावास में प्रेस ब्रीफिंग में उन्होंने पत्रकारों से कहा, आप भारतीय सरकार से पूछ सकते हैं कि क्या हमने अब तक कोई शुल्क लिया है। उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि ईरान और भारत के हित और भविष्य एक जैसे हैं। उनका यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से ईरान को टोल देने वाले जहाजों को रोकने की धमकी देने के बाद आया है।

अन्य वीडियो-


0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

Advertisement

Live Poll

Are You Satisfied News9bharat ?

Also Read This